
दिसंबर 2025 का तीसरा हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है लेकिन 19 दिसंबर को बाजार ने एक बार फिर जबरदस्त वापसी की है। पिछले चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में बंद हुए। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका में मुद्रास्फीति (Inflation) के कम होते आंकड़ों ने निवेशकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। आज के इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि मार्केट के प्रमुख ट्रिगर्स क्या रहे और आने वाले समय में निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।शेयर बाजार की मुख्य हलचलआज 19 दिसंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) में लगभग 447 अंकों की बढ़त देखी गई और यह 84929 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर निफ्टी (Nifty) भी 150 अंकों की तेजी के साथ 25966 के स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। बाजार की इस रिकवरी में सबसे बड़ी भूमिका रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों की रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई जो यह दर्शाता है कि छोटे और मध्यम निवेशकों का भरोसा वापस लौट रहा है।इन कारणों से आई बाजार में तेजीबाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण वैश्विक और घरेलू कारण रहे हैं। अमेरिका में नवंबर महीने के महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं जिससे यह संभावना बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से खरीदारी फिर से शुरू होना भी भारतीय बाजार के लिए एक शुभ संकेत है। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई बाजारों में मजबूती ने भी भारतीय निवेशकों के मनोबल को बढ़ाने का काम किया है।सोने और चांदी की कीमतों का हालनिवेश के नजरिए से आज का दिन कीमती धातुओं के लिए मिला जुला रहा। चांदी की कीमतों ने इस साल 2 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया है जो निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि 19 दिसंबर की सुबह सोने और चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई जिससे आम ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से भारतीय रुपये को भी मजबूती मिली है जो आज 89.27 प्रति डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा था।आने वाले हफ्तों के लिए बाजार की रणनीतिदिसंबर का महीना खत्म होने की ओर है और बाजार अब साल 2026 की तैयारियों में जुट गया है। तकनीकी जानकारों का मानना है कि निफ्टी अगर 26000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को मजबूती से पार करता है तो आने वाले दिनों में और बड़ी तेजी देखी जा सकती है। आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी जा रही है क्योंकि इन सेक्टरों में ग्रोथ की काफी संभावनाएं दिख रही हैं। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें क्योंकि मार्केट में अभी भी उतार चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है।
